Wednesday, 23 May 2007

शनि तेरी महिमा अपरम्पार

शनि कि माया दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में कुछ ज्यादा ही देखने को मिलता है , यहाँ के लोग जैसे-जैसे सम्पन्नता कि ओर बढते जा रहे है शनि और ग्रहो के प्रकोप से उनमे दर भी बढ़ता ही जा रहा है । जब मई पहली बार देल्ही आया था एक छात्र के रूप में कोई परीक्षा देने के लिए । अपने एक रिश्तेदार के याहा ठहरा हुआ था, एक दिन अचानक दरवाजे पर आकर किसी ने जोर-जोर से आवाज़ लगाना शुरू कर दिया, घर के लोग गए और सरसो का तेल और कुछ पैसे एक डब्बे में डाल आये , मेरे पूछने पर उनका जवाब था कि शनि भगवान् है और हर शनिवार को ये टेल लेने आते है । बाद में मई जब यहाँ दिल्ली में घूमने लगा और खुद रहने लगा तो मुझे असली सच्ची पता लगी । यहाँ के शनि भगवान् के नाम पर 'शनि भगवान् लोग' हर शनिवार को सभी घरो से तेल वसूलते है , सभी घरो पर ये नीबू और मिर्ची तन्गते जाते है ।

बहुत सारा तेल जमा कर ये लोग गरीब इलाको के दुकानों में जाकर शाम को ये तेल बेच आते है , और वहा कि गरीब जनता इसी खुले तेल को (जो कई घरो के तेल से मिलकर बाना होता है) खरीदती है ।

शनि कि माया से सब खुश , आमिर और खाते पिटे लोगो के घर में शनि के आने पर नीबू और मिर्ची रोक लगाएँगे और आम लोगो के घरो में शनि के नाम पर इकठ्ठा किया गया तेल पहुंच कर शनि को आने से रोकेगा ।

6 comments:

परमजीत बाली said...

Sundip Kumar SIngh जी,यहाँ सिर्फ शनी ही नही,मंगल व वीर वार को पीर बाबा भी आते हैं।

हरिराम said...

दान-पुण्य द्वारा पाप/विपदा/दोष कटने की ऐसी धार्मिक भावनाओं/परम्पराओं के पीछे महान् मनोवैज्ञानिक विवेक अवश्य रहता है। जैसे किसी को सिनेमा देखने, गाना सुनने से सुख और शान्ति मिलती है, वैसे ही किसी अन्य व्यक्ति को भगवान के भजन करने, भगवान के नाम पर दान-पुण्य करने से सुख और शान्ति मिलती है। वास्तव में दान के रूप में लोग अपने पापों/दोषों का कुछ अंश देने/बाँटने का संकल्प करते हुए दान देते हैं।

अतः दान देने के बाद दान लेनेवाले को दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम भी करना आवश्यक है, क्योंकि वह आपके कुछ दोष/कष्ट लेकर जा रहा है।

गनीमत है कि दिल्ली में शनि के नाम पर दान लेनेवाले तो मिल जाते हैं, पर अनेक स्थानों पर शनि का दान लेने के लिए भी कोई ब्राह्मण/भिखारी राजी नहीं होता।

Sanjeet Tripathi said...

भैया यहां तो शनिवार की सुबह 6 बजे से जो तांता लगता है शनि के नाम से मांगने वालो का वह शाम के 6 बजे तक चलता रहता है, क्या बच्चे, जवान और क्या औरतें, सब एक लोटे में तेल में डूबे शनिदेव लेकर घुमते रहते हैं।

Vivek Kumar "विवेक" said...

hi..dear..kya hal hai...

kafi majedar kahani likhe hai...
ek story bana raha hu espe 30 mint ki kafi madad mil gayi hai...
by vivek.....

Vivek Kumar "विवेक" said...

hi dear----kya hal hai?
kafi majedar likhe hai...
1 story bana raha hu 30 mint ki kafi madad mil gayi hai...
vivek--hamar tv

Vivek Kumar "विवेक" said...

hhh