Friday, 11 May 2007

उत्तर प्रदेश का ताज फिर माया के हाथ


उत्तर प्रदेश के मतदाताओ ने सभी समीकरण ओर एग्जिट पोल को मात देते हुए बसपा प्रमुख मायावती को ताज सौप दिया । बाबरी विध्वंस के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि देश के इस सबसे बडे (राजनितिक लिहाज़ से) राज्य मे किसी एक दल कि सर्कार बनने जा रही है । इससे पहले कल्यान सिंह कि सरकार बनी थी ओर आज भी लोग उस सरकार के काम को सराहते है । आज जब बसपा सुप्रीमो मायावती फिर राज्य कि गड्डी सँभालने जा रही है एक चीज साफ है कि राज्य कि जनता गठबंधन सरकारो ओर उनमे शामिल पार्टियों ओर उनके नेताओ के दबाव के आगे बाधित हो रहे विकास के काम से तंग आ चुकी है । इस बार जनता ने स्पष्ट बहुमत दिया है और साथ ही कई बडे नेताओ को विधान सभा जाने से भी रोक दिया है । जहीर है जनता ने ये संदेश दिया है कि जो काम नही करेगा उसे विधान सभा जाने का कोई हक नही ।

वैसे मायावती के लिए भी चुनौती कम नही , सरकार में आने के बाद उनके लिए सबसे बड़ा काम होगा मंत्रिमंडल मे सभी जातियों ओर धर्मो के लोगो मे संतुलन बनाना ओर साथ ही लंबे समय तक उन्हें अपने साथ बांधकर रखना । अगर पिछली बार कि ही तरह उन्होने डंडे के जोर पर शासन करने के प्रयास किया तो आगे कि राह बहुत ही मुश्किल होगी । ओर अगर मायावती ने पिछली आदते भुलाकर उप के लिए कुछ काम कर दिया तो राज्य के इतीहास मे नाम दर्ज हो जाएगा । इस सरकार से सबसे बड़ी उम्मीद होगी अपराधीकरण पर लगाम लगाने की । जनता इससे त्रस्त आ चुकी है और अब मुक्ति चाहती है ।।

1 comment:

धुरविरोधी said...

हो सकता है कुछ शुभ शुभ हो जाय