Tuesday, 15 May 2007

'एक दर्ज़न नही तीन दर्ज़न मामलें है भाई'

मायावती उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री पद कि शपथ ले रही थी और शिन्घ्नाद कर रही थी उत्तर प्रदेश में जंगल राज ख़त्म करने का । करती भी क्यों नही पुरी बहुमत में जो आयी थी । अगले ही दिन कोई टीवी चैनल उनके मंत्रिमंडल में शामिल दागदार लोगो कि फेहरिस्त दिखा रह था इसी में एक मंत्री जी शामिल थे बादशाह सिंह नाम के । इनसे जब मीडिया वाले बात करने तो किसी मीडिया वाले ने उन्हें याद दिल्लायी कि आप पर तो एक दर्जन मामले दर्ज़ है उहोने तपाक से जवाब दिया ''एक नही तीन दर्ज़ां भाई'' ।

अपनी सफाई में वे यहाँ तक कह बैठे कि कभी-कभी सत्ता के दलालो को सबक सिखाने के लिए हमे कानून का उलंघन करना पड़ता है और ये सारे मामले इसी प्रकार के है ।

अब आप ही अंदाज लगा सकते है उत्तर प्रदेश के जंगल राज का और उसे मिटाने के नाम पर आयी माया राज का । अब भाई क्या होगा उत्तर प्रदेश का ये तो खुदा ही जाने जहा हर चेहरा हीं दागदार है ।

2 comments:

संजय बेंगाणी said...

सही कह रहे है, आप.
मगर एक आध दिन तो बहनजी को चैन से रहने देते :) गरियाना तो है ही पाँच साल :)

अरुण said...

काहे भाई इक काहे चालू हो गये जे सारी की सारी गारी अभई दे देओगे तो बाकी पांच साल का करोगे...?