Thursday, 25 September 2008

यहाँ तो सबकुछ पहले से ही उल्टा-पुल्टा है...

मशहूर अमेरिकी जादूगर डेविड ब्लेन न्यूयार्क के सेंट्रल पार्क में ६ मंजिल की ईमारत जितनी ऊँचाई पर एक तार के सहारे उलटा लटक गए हैं। ब्लेन ६० घंटों तक बिना खाए, बिना सोये लटके रहेंगे. लेकिन इसमें कोई नई बात थोड़े ही है ब्लेन अमेरिकी बाज़ार की नक़ल ही तो कर रहे हैं. अमेरिकी बाज़ार भी तो इन दिनों उल्टा लटका हुआ है और अपनी ताल पर दुनिया की अन्य अर्थव्यवस्थाओं को भी उलटा लटकाए हुए है. लेकिन एक बात बिल्कुल साफ़ है कि हमारा देश इस मामले में अमेरिका से बिल्कुल भी पीछे नहीं है. प्राचीन काल से ही हमारे यहाँ ऐसे बड़े-बड़े जादूगर हुए हैं जिन्होंने ख़ुद के आलावा बड़ी-बड़ी हस्तियों और कई बार तो पूरे देश को ही उलटा लटका दिया. अब विक्रम-वैताल के किस्से को ही देख लीजिये. डेविड ब्लेन तो एक बार उल्टे लटक कर दुनिया भर में ख़बरों में छा गए लेकिन अपने वैताल जी तो बात-बात पर विक्रम से रूठकर पेड़ पर उल्टे लटक जाया करते थे और फ़िर अपनी कहानी सुनने कि हामी विक्रम द्वारा भरने के बाद ही नीचे उतरते थे.

आधुनिक भारत में भी ऐसे सूरमा कम नहीं हैं जिन्होंने बड़े-बड़े तीसमार खान तक को उल्टे लटकाने में सफलता पाई है. अब बंगाल में तृणमूल प्रमुख ममता जी का जादू ही देख लीजिये. पूरी दुनिया में अपनी धाक जमाकर अपना बाजू दिखाने वाले टाटा को तो उन्होंने उलटा लटकाया ही, साथ-साथ इस साल जाड़े के मौसम तक घर के बाहर लखटकिया कार खड़ी करने का ख्वाब पाले लाखों लोगों की उम्मीदों को भी उन्होंने खूँटी पर टांग दिया. जिस हड़ताल और धरने-प्रदर्शन के बल पर अबतक वामपंथी भाई लोग सबको लटकाया करते थे उसी जादू का इस्तेमाल कर ममताजी ने उलटा उन्हीं को लटका दिया. वैसे अपने वामपंथी लोग भी कम जादूगर नहीं हैं। अमेरिका के साथ परमाणु करार मसले पर उन्होंने सरकार को ही उल्टा लटका दिया था. वो तो भला हो छोटे भैया का जिनका जादू उनपर भरी पडा और उन्होंने सरकार को रस्सी से उतारकर फ़िर से खडा किया.

अपने जल देवता के जादू को ही देख लीजिये। बाढ़ के पानी की शक्ल में आए जल देवता ने देशव्यापी जादू दिखाया. फ़िर क्या दिल्ली, क्या बिहार और क्या उडीसा सब जगहों पर लोग पेड़ों और खंभों पर लटके नज़र आए.

अपने मीडिया वालों का जादू भी देखने लायक है। दिल्ली में हुए ब्लास्ट के बाद गृह मंत्री महोदय की बार-बार कपड़े बदलने के लिए ऐसी खिचाई की कि बेचारे की कुर्सी जाते-जाते बची. अब तो किसी धमाके के बाद दौरा करते वक्त बेचारे अपने गंदे कपड़े बदलने से पहले भी १० बार सोचेंगे.

इशु को सूली पर टंगे देखकर उडीसा और कर्णाटक वाले इतने प्रेरित हो गए की उन्होंने पूरे कौम को ही टांग दिया। और इतने जलवे दिखाए की उसकी गूँज रोम और अमेरिका तक में सुनाई देने लगी.

वैसे पड़ोसी पाकिस्तान में भी जादोगारों की कोई कमी नहीं है। अब अपने जरदारी साहब को ही देख लिजिए. तोपची मुशर्रफ़ साहब पर उनका जादू ऐसा चला कि वो कहीं गुमनामी में खोते चले गए. पता चला हैं कि मुश् साहब इन दिनों अपने घर पर रहकर कागज़ काले कर रहे हैं. हो सकता हैं कि कल को उनका भी जादू चल जाए और दुनिया के बेस्ट सेलर राइटर्स में उनका भी नाम शुमार हो जाए. अपना जादू चलने कि खुशी लेकर इधर जरदारी साहब न्यूयार्क पहुंचे और उधर वजीरिस्तान में कबायली लडाकों ने अमेरिकी जासूसी विमान को पाकिस्तान में घुसते ही मार गिराया. इससे पहले कि जरदारी साहब लोकतंत्र बहाली के नाम पर बुश साहब से पीठ थपथपाने की गुजारिश करते विमान गिरने की ख़बर अमेरिका पहुँच गई. जरदारी साहब की हालत ऐसी की जनरल असेम्बली के हॉल में अंत समय तक बुश साहब से नज़रें चुराते फिरेंगे.

ये तो केवल भारत और पाकिस्तान के जादूगरों की सूची हैं. ऐसे ही न जाने दुनिया में और भी कितने जादूगर पड़े हुए हैं जो अमेरिकी जादूगरों को कड़ी टक्कर दे सकते हैं. ये तो एक सैम्पल भर हैं.

1 comment:

ab inconvenienti said...

तुम्हे कैसे पता की वह 'लगातार' ६० घंटे 'बिना कुछ खाए-पिए' उल्टा लटका रहा? First read this witness account, Loser!